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विश्व सीओपीडी दिवस: वायु प्रदूषण और पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन का महत्व

हर साल नवंबर महीने के तीसरे बुधवार को विश्व सीओपीडी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह बीमारी मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है और सांस लेने में कठिनाई पैदा करती है।

सीओपीडी का प्रमुख कारण बीड़ी, सिगरेट एवं हुक्के द्वारा तंबाकू का सेवन है। औद्योगिक क्षेत्रों और वाहनों से निकलने वाला अनियंत्रित धुआ भी इस बीमारी को बढ़ावा देते हैं। वायु प्रदूषण से बचने के लिए मास्क पहनें और घरों में वेंटिलेशन सुनिश्चित करें।

सीओपीडी के रोगियो के लिए आवश्यक है की अपनी दवाएं नियमित रूप से लें। दवाओं के साथ , पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन (फेफड़ों का पुनर्वास) से भी इस बीमारी के नियंत्रण में काफ़ी सहायता मिलती है। इसमें सांस संबंधी एक्सरसाइज, पोषण प्रबंधन और जीवनशैली में बदलाव शामिल हैं। नियमित व्यायाम और स्वस्थ आहार न केवल फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी सुधारते हैं।

इस साल विश्व सीओपीडी दिवस, जो 20 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा, का विषय है “अपने फेफड़ों की कार्यक्षमता को जानें”। यह विषय फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए स्पाइरोमेट्री (फेफड़ों की जांच) के महत्व को उजागर करता है। यह विषय लोगों को प्रेरित करता है कि वे फेफड़ों की कार्यक्षमता की नियमित जांच कराएं, वायु प्रदूषण और धूम्रपान जैसे जोखिम कारकों से बचें, और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।